Топ-100
  • क्रोध क्रोध

    क्रोध या गुस्सा एक भावना है। दैहिक स्तर पर क्रोध करने/होने पर हृदय की गति बढ़ जाती है; रक्त चाप बढ़ जाता है। यह भय से उपज सकता है। भय व्यवहार में स्पष्ट रूप ...

  • आध्यात्मिक पर धार्मिक नहीं आध्यात्मिक पर धार्मिक नहीं

    आध्यात्मिक पर धार्मिक नहीं एक लोकप्रिय वाक्य और प्रथमाक्षर हैं जो आध्यात्मिकता के जीवन रवैये से स्वयं तादात्म्य स्थापित करने के रूप में उपयुक्त होता हैं, और ...

  • अनभिज्ञता अनभिज्ञता

    किसी विषय के बारे में जानकारी न होना अनभिज्ञता कहलाती है। जो किसी विषय के बारे में न जानता हो उसके लिये अनभिज्ञ विशेषण प्रयुक्त होता है। यह शब्द एक अपशब्द की...

अधर्म

अधर्म

इसका अर्थ धर्म का एकदम विपरीत होता है। श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार अधर्म की ५ शाखाएँ है- परधर्म छल आभास विधर्म उपमा मनुष्य अपने आश्रम के विपरीत स्वेच्छा से ...

अनभिज्ञता

किसी विषय के बारे में जानकारी न होना अनभिज्ञता कहलाती है। जो किसी विषय के बारे में न जानता हो उसके लिये अनभिज्ञ विशेषण प्रयुक्त होता है। यह शब्द एक अपशब्द की...

आध्यात्मिक पर धार्मिक नहीं

आध्यात्मिक पर धार्मिक नहीं एक लोकप्रिय वाक्य और प्रथमाक्षर हैं जो आध्यात्मिकता के जीवन रवैये से स्वयं तादात्म्य स्थापित करने के रूप में उपयुक्त होता हैं, और ...

क्रोध

क्रोध या गुस्सा एक भावना है। दैहिक स्तर पर क्रोध करने/होने पर हृदय की गति बढ़ जाती है; रक्त चाप बढ़ जाता है। यह भय से उपज सकता है। भय व्यवहार में स्पष्ट रूप ...