Топ-100

छप्पन भोग

रस 6 प्रकार के होते है।
तिक्त
अम्ल
कषाय
कटु
लवण
मधुर
इन छ: रसों के मेल से रसोइया कितने वयंजन बना सकता है?
6 C 1 + 6 C 2 + 6 C 3 + 6 C 4 + 6 C 5 + 6 C 6 = 63 {\displaystyle ^{6}C_{1}+^{6}C_{2}+^{6}C_{3}+^{6}C_{4}+^{6}C_{5}+^{6}C_{6}=63}
अब एक रस से यानि 6 C 1 {\displaystyle ^{6}C_{1}} से कोई व्यंजन नहीं बनता है। ऐसे ही छ: के छ: रस यानी 6 C 6 {\displaystyle ^{6}C_{6}} मिला कर भी कोई व्यंजन नहीं बनता है। 6 C 1 {\displaystyle ^{6}C_{1}} = 6 और 6 C 6 {\displaystyle ^{6}C_{6}} = 1 63 - 6+1 = 63 -7 = 56
इसीलिए 56 भोग का मतलब है सारी तरह का खाना जो हम भगवान को अर्पित करते है।